सस्ता मा समान बेच, लालच देखावत हे, हम बिसावत हन के, हमला बिसावत हे । धरे हन मोबाइल, चाइना हम हाथ मा, ओही मोबाइल बीच, चीन डेरूवावत हे । बात-बात मा चाइना, हर काम मा चाइना सस्ता के ये चक्कर ह, चक्कर बनावत हे । सस्ता के ये चक्कर म, अपनेे ला झन बेच अपनो ल देख संगी, तोला ओ बिगाड़त हे ।
कहिनी:पानी हे अमोल -डोरेलाल कैवर्त
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“‘ बिन पानी नि हे जिनगानी* ” ए कहना सोलाआना सिरतोन आय । पानी के बिना जिनगी
जिए के कल्पना घलो नि करे जा सके ? हमन सबो जानत हांवन…
1 हफ़्ते पहले