होली के उमंग (त्रिभंगी छंद) हे होली उमंग, धरे सब रंग, आनी बानी, खुुुुशी भरे । ले के पिचकारी, सबो दुवारी, लइका ताने, हाथ धरे ।। मल दे गुलाल, हवे रे गाल, कोरा कोरा, जेन हवे। वो करे तंग, मया के रंग, तन मन तोरे, मोर हवे ।।
लघु कथा: क्या भूत होते हैं?-रमेश चौहान
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रामाधार के पोते चिंटू ने पहली बार ये सवाल रात के दस बजे पूछा। लाइट चली गई
थी। सुमित्रा रसोई में ढिबरी जला रही थी। बाहर बँसवारी में हवा चल…
2 हफ़्ते पहले