समय हृदय के साफ, दुवाभेदी ना जानय । चाल-ढाल रख एक, सबो ला एके मानय । पानी रहय न लोट, कमल पतरी मा जइसे । ओला होय न भान, हवय सुख-दुख हा कइसे । ओही बेरा एक, जनम कोनो तो लेथे । मरके कोनो एक, सगा ला पीरा देथे ।। अपन करम के भोग, भोगथे मनखे मनखे । कोनो बइठे रोय, हाँसथे कोनो तनके ।।
लघुकथा : मेडल -डॉ. विनोद कुमार वर्मा
-
एक छह फीट ऊँचे गबरू जवान की नियुक्ति सब-इंसपेक्टर के पद पर
यातायात पुलिस में तीन बरस पहले हुई थी। उसकी सेना में भर्ती की तमाम कोशिशें
नाकाम हुई…
2 हफ़्ते पहले