छत्तीसगढ़ी मा नवगीत के कोठी-‘‘मोर कलम शंकर बन जाही’’ छत्तीसगढ़ी नवगीत के ये पहिली नवगीत संग्रह आय । ये पुस्तक मा आप ला नवा-नवा बिम्ब प्रतिक मा रचना पढ़े ला मिलही, येला एक बार जरूर पढ़व- ➤ पुस्तक ला पढ़व
कहिनी:पानी हे अमोल -डोरेलाल कैवर्त
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“‘ बिन पानी नि हे जिनगानी* ” ए कहना सोलाआना सिरतोन आय । पानी के बिना जिनगी
जिए के कल्पना घलो नि करे जा सके ? हमन सबो जानत हांवन…
3 हफ़्ते पहले