रविवार, 1 सितंबर 2019

हे गणपति गणराज प्रभु

हे गणपति गणराज प्रभु, हे गजबदन गणेश,
श्रद्धा अउ विश्वास के, लाये भेंट ‘रमेश‘ ।।
लाये भेंट ‘रमेश‘, पहिलि तोला परघावत ।
पाँव गिरे मुड-गोड़, अपन दुख दरद सुनावत ।
दुख मा फँसे ‘रमेश’, विनति सुनलव हे जगपति ।
विघ्न विनाशक आच, विघ्न मेटव हे गणपति ।।