छत्तीसगढ़ी मा नवगीत के कोठी-‘‘मोर कलम शंकर बन जाही’’ छत्तीसगढ़ी नवगीत के ये पहिली नवगीत संग्रह आय । ये पुस्तक मा आप ला नवा-नवा बिम्ब प्रतिक मा रचना पढ़े ला मिलही, येला एक बार जरूर पढ़व- ➤ पुस्तक ला पढ़व
करुणा करो हे खाटू श्याम
-
मुखड़ा
करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम
हारे का सहारा श्याम, भवकूप का उजागर हो तुम
करुणा करो हे खाटू श्याम, दया के सागर हो तुम
मैं उथली नदिया, जल...
2 दिन पहले