रविवार, 13 दिसंबर 2015

माई मुड़ी, माई मुड़ी, माई मुडी

माई मुड़ी, माई मुड़ी, माई मुडी
माई मुडी ला होना चाही कइसन

भात-बासी, दूध-दही
सब खाथे-पीथे मुॅह हा,
सबो अंग मा एक बराबर,
ताकत जगाथे मुॅह हा।
देह मा मुॅह हा होथे जइसन....
देह मा मुॅह हा होथे जइसन
माई मुडी ला होना चाही वइसन ।

माई मुड़ी, माई मुड़ी, माई मुडी
माई मुडी ला होना चाही कइसन

डारा-पाना, फर-फूलवा
सब रूखवा के हरिआये
खातू-माटी, पानी-पल्लो,
जब बने जर मा पाये
रूखवा के जर हा होथे जइसन....
रूखवा के जर हा होथे जइसन
माई मुडी ला होना चाही वइसन ।

माई मुड़ी, माई मुड़ी, माई मुडी
माई मुडी ला होना चाही कइसन

बघवा-भालू, साप-नेवला
पानी पिये एक घाट मा
गरीब-गुरबा, गौटिया-बड़हर
एक लगे हे राम राज मा
राजा मा राम हा होय हे जइसन...
राजा मा राम हा होय हे जइसन
माई मुडी ला होना चाही वइसन ।

माई मुड़ी, माई मुड़ी, माई मुडी
माई मुडी ला होना चाही कइसन