सोमवार, 30 मई 2016

.ये नोनी के दाई सुन तो

.ये नोनी के दाई सुन तो,
ये नोनी के दाई सुन तो,
ये बाबू के ददा बता ना,
ये बाबू के ददा बता ना,

ये नोनी के दाई सुन तो, बात कहंत हंव तोला ।
जब ले आये तैं जिनगी मा, पावन होगे चोला ।।
तोर मया ले मन बउराये, जग के छोड़ झमेला ।
अंग अंग मा हवस समाये, जस छाये नर बेला ।।

ये बाबू के ददा बता ना, गोठ मया मा बोरे ।
सुख दुख के मोर संगवारी, ये जिनगी हे तोरे ।।
तन मन हा अब मोरे होगे, तोर मया के दासी ।
दुख पीरा सब संगे सहिबो, मन के छोड़ उदासी ।।

ये नोनी के दाई सुन तो,
ये नोनी के दाई सुन तो,

ये बाबू के ददा बता ना,
ये बाबू के ददा बता ना,

ये नोनी के दाई सुन तो, दिल के धड़कन बोले ।
काली जइसे आज घला तैं, मन मंदिर मा डोले ।
जस जस दिनन पहावत जावय, मया घला हे बाढ़े ।
तन के मोह छोड़ मन बैरी, मया देह धर ठाढ़े ।।

ये बाबू के ददा बता ना, काबर जले जमाना ।
मोर देह के तैं परछाई, नो हय ये हा हाना ।।
तैं मोरे हर सॉस समाये, अंतस करे बसेरा ।
तोर मया के चढ के डोला, पहुॅचे हंव ये डेरा ।।

ये नोनी के दाई सुन तो,
ये नोनी के दाई सुन तो,
ये बाबू के ददा बता ना,
ये बाबू के ददा बता ना,