गुरुवार, 17 नवंबर 2016

नेता के चरित्र,

नेता के चरित्र, होवय पवित्र, मनखे सबो कहत हे ।
जनता पुच्छला, हल्ला-गुल्ला, उन्खर रोज सहत हे ।।
ओमन चिल्लाथे,देश लजाथे, देख-देख झगरा ला ।
हमर नाम लाथे, अपन बताथे, देखव ओ लबरा ला ।।