सोमवार, 3 अप्रैल 2017

चारो कोती ले मरना हे

झोला छाप गांव के डॉक्टर, अउ रद्दा के भठ्ठी  ।
करना हावे बंद सबो ला, कोरट दे हे पट्टी ।।

क्लिनिक सील होगे डॉक्टर के, लागे हावे तारा ।
सड़क तीर के भठ्ठी बाचे, न्याय तंत्र हे न्यारा ।।

सरदी बुखार हमला हावय , डॉक्टर एक न गाँव म ।
लू गरमी के लगे थिरा ले, तैं भठ्ठी के छाँव म।।

हमर गाँव के डॉक्टर लइका, शहर म जाके रहिथे ।
नान्हे-नान्हे लइका-बच्चा, दरूहा ददा ल सहिथे ।।

गरीबहा भगवान भरोसा, सेठ मनन सरकारी ।
चारो कोती ले मरना हे, अइसन हे बीमारी ।।