शुक्रवार, 6 जनवरी 2017

बिता भर के टुरा कहय तोर बाप के का जात हे

बिता भर के टुरा कहय
तोर बाप के का जात हे

कउवां कुकुर कस ठोकरा भुकय
देख अपन गांव के लइका ला
अपन हद म रहे रहव बाबू
झन टोरव लाज के फइका ला

ही-ही भकभक जादा झन करव
तोरे दाई-माई जात हे

गली मोहाटी बाटल-साटल
खोले काबर बइठे
दारू मंद के आगी म जरे
मरे सांप कस अइठे

सरहा कोतरी के मास
तोला कइसन भात हे

गली-गली म डिलवा ब्रेकर
तोर सेखी न रोक सकय
तोरे दीदी भाई-भोजी
तोला कोसत अपने थकय

घूम-घूम क मेछरावत गोल्लर
नागर म कहां कमात हे ।