नवा सोच के नवा साल के बधाई (दुर्मिल सवैया) मनखे मनखे मन खोजत हे, दिन रात खुशी अपने मन के । कुछु कारण आवय तो अइसे, दुख मेटय जेन ह ये तन के । सब झंझट छोड़ मनावव गा, मिलके कुछु कांहि त...
गीत : आज बंधे दो मन एक डोर में
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*मुखड़ा (युगल)*
आज बंधे दो मन एक डोर में
सपनों की उजली भोर में
तुम हाथ पकड़ कर साथ चलो
मैं छाया बन जाऊँ हर मोड़ में
आज बंधे दो मन एक डोर में
*अंतरा 1 (स...
1 घंटे पहले