शनिवार, 27 फ़रवरी 2016

मया करले

या करले (सुगती छंद)
मया करले । मन म भरले
तोर हॅव मैं । मोर हस तैं
तोर हॅसना । मोर फॅसना
मोर हॅसना । तोर फॅसना
करे बइहा । मया दइहा
अलग रहिबे । दुख ल सहिबे
संग रहिबो । सब ल सहिबो
हमन तनके । रहब मनके
आव अॅगना । पहिर कॅंगना
नाम धरके । मांघ भरके
-रमेश चौहान