SURTA ]- छत्तीसगढ़ी भाषा अउ छत्तीसगढ़ के धरोहर ल समर्पित

रमेशकुमार सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ी काव्यांजली:- सुरता rkdevendra.blogspot.com

चलना खेले ला जाबो रे

चल ना रे खेले ला जाबो  ।
अबे मजा अब्बड़ के पाबो ।।
का राखे ये मोबाइल मा ।
बइठे-बइठे  ये स्टाइल मा ।।

नदिया जाबो तरिया जाबो ।
कूद-कूद के खूब नहाबो ।।
रेसटीप हम डूबे-डूबे ।
बने खेलबो हमन ह खूबे ।।
ढेस पोखरा खोज-खोज के ।
खाबो अब्बड़ रोज-रोज के ।।
का राखे ये मोबाइल मा ।
बइठे-बइठे  ये स्टाइल मा ।।

गिल्ली-डंडा चल धर ना बे ।
टोड़ी मारत पादी पाबे ।।
खट-उल मा कोनो हा चलही ।
खेले बर जब मन ह मचलही ।।
खोर-गली दइहान चली हम ।
लइकापन के डार चढ़ी हम ।।
का राखे ये मोबाइल मा ।
बइठे-बइठे  ये स्टाइल मा ।।
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