सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कतका झन देखे हें-

चुन्दी : हेयर स्‍टाइल पर कविता

 चुन्दी

(कुण्‍डलियां)



चुन्दी बगरे हे मुड़ी, जस कोनो फड़बाज।

लम्बा-लम्बा ठाढ़ हे, जइसे के लठबाज ।।

जइसे के लठबाज, तने हे ठाढ़े-ठाढ़े ।

कंघी के का काम, सरत हे माढ़े-माढ़े ।।

मुसवा दे हे चान, खालहे ला जस बुन्दी ।

आज काल के बात, मुड़ी मा बगरे चुन्दी ।।


-रमेश चौहान


टिप्पणियाँ

मोर दूसर ब्लॉग