सोमवार, 1 जून 2015

होगे किसान व्यस्त अब

होगे किसान व्यस्त अब, असाढ़ आवत देख ।
कांटा-खूटी चतवार अउ, खातू-माटी फेक ।
खातू-माटी फेक, खेत ला बने बनावय ।
टपकत पानी देख, मने मन मा हरसावय ।।
‘रमेश‘ पागा बांध, बहुत अब तक तै सोगे ।
हवय करे बर काम, समय बावत के होगे ।।