अरे दुख पीरा, तैं मोला का डेरूहाबे मैं पर्वत के पथरा जइसे, ठाढ़े रहिहूँव । हाले-डोले बिना, एक जगह माढ़े रहिहूँव जब तैं चारो कोती ले बडोरा बनके आबे अरे दुख पीरा, तैं मोला का ...
कहिनी:पानी हे अमोल -डोरेलाल कैवर्त
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“‘ बिन पानी नि हे जिनगानी* ” ए कहना सोलाआना सिरतोन आय । पानी के बिना जिनगी
जिए के कल्पना घलो नि करे जा सके ? हमन सबो जानत हांवन…
1 हफ़्ते पहले