ऊपर वाले हा ढिलत नई हे हमरे भाखा ओ लिलत नई हे सेप्टिक बर आवय कहां ले पीये बर पानी मिलत नई हे -रमेश चौहान
व्यंग्य: दिल का इलाज, रामबाण उपाय-डॉ.विनोद नायक
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गजबी लाल ने हॉस्पिटल में प्रवेश किया और जोर जोर से चिल्लाने लगा डॉक्टर साह...
19 घंटे पहले