रहत-रहत हमला, परगे आदत, हरदम रहत गुलाम । रहिस हमर जीवन, काम-बुता सब, मुगल आंग्ल के नाम ।। बड़ अचरज लगथे, सुनत-गुनत सब, सोच आन के लाद । कहिथन अब हम सब, होगे हन गा, तन मन ले आजाद ।।
लघु कथा: क्या भूत होते हैं?-रमेश चौहान
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रामाधार के पोते चिंटू ने पहली बार ये सवाल रात के दस बजे पूछा। लाइट चली गई
थी। सुमित्रा रसोई में ढिबरी जला रही थी। बाहर बँसवारी में हवा चल…
6 दिन पहले