शुक्रवार, 24 अप्रैल 2015

मरगे एक किसान

दिल्ली के हड़ताल मा, मरगे एक किसान ।
गोठ बात अब हे चलत, काबर खोइस जान ।।
काबर खोइस जान, दोष काला हम देइन ।
मउसम के वो मार, फसल नुकसानी लेइन ।।
जेन सकेले भीड़, उड़ावत रहिन ग खिल्ली ।
वाह पुलिस सरकार, जेन बइठे हे दिल्ली ।।