SURTA ]- छत्तीसगढ़ी भाषा अउ छत्तीसगढ़ के धरोहर ल समर्पित

रमेशकुमार सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ी काव्यांजली:- सुरता rkdevendra.blogspot.com

मरगे एक किसान

दिल्ली के हड़ताल मा, मरगे एक किसान ।
गोठ बात अब हे चलत, काबर खोइस जान ।।
काबर खोइस जान, दोष काला हम देइन ।
मउसम के वो मार, फसल नुकसानी लेइन ।।
जेन सकेले भीड़, उड़ावत रहिन ग खिल्ली ।
वाह पुलिस सरकार, जेन बइठे हे दिल्ली ।।
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ताते-तात

शिव-शिव शिव अस (डमरू घनाक्षरी)

डमरू घनाक्षरी (32 वर्ण लघु) सुनत-गुनत चुप, सहत-रहत गुप दुख मन न छुवत, दुखित रहय तन । बम-बम हर-हर, शिव चरण गहत, शिव-शिव शिव अस, जग दुख भर मन ...

अउ का-का हे इहाँ-