मंगलवार, 12 मई 2015

मया के ए बैगुनिया

दुनिया कहिथे गा भला, सब संग करव प्यार ।
प्यार करे जाथे कहां, हो जाथे ना प्यार ।।
हो जाथे ना प्यार, जवानी मा सब कहिथे ।
काबर फेर जवान, प्यार ला खोजत रहिथे ।।
अपनेपन के भाव, मया के ए बैगुनिया ।
रहिथे जेखर संग, मया तो करथे दुनिया ।।