शुक्रवार, 25 मार्च 2016

कुॅवा पार मा (युगल गीत)

नायिका-
कुॅवा पार मा मोर मयारू, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर मयारू, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा

नायक-
कुॅवा पार मा मोर करेजा, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर करेजा, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा

नायिका-
सुरता आवत हावे संगी, बीते हमर कहानी ।
संग सहेली रहिन न कोनो, भरत रहंव मैं पानी ।।
कोन डहर ले कब के आयो, खड़े रहे तैं भोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर मयारू, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा

नायक-
सुरता के कोठी के छबना, देखत हॅव मैं खोले ।
देख देख काली के बाते, मन हा मोरे डोले ।।
तोरे मोरे आंखी कइसे,
तोरे मोरे आंखी कइसे, चढ़े एक हिंडोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर करेजा, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा


नायिका-
भरत भरत पानी हउला मा, देखेंव तोर काया ।
देखत देखत कइसे संगी, जागे तोरे माया ।।
आंखी मोरे खुल्ला रहिगे, ......
आंखी मोरे खुल्ला रहिगे, होष रहय ना मोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर मयारू, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा


नायक-
उतर सरग ले एक परी हा, भरत रहिस हे पानी ।
पाके आमा जइसे जेमा, छलकत रहिस जवानी ।।
मारू बने ओं ताकत रहिगे,
मारू बने ओ ताकत रहिगे, मोला करके ढोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर करेजा, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा

नायिका-
कुॅवा पार मा मोर मयारू, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर मयारू, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा

नायक-
कुॅवा पार मा मोर करेजा, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा
कुॅवा पार मा मोर करेजा, देखे रहेंव तोला, कुॅवा पार मा