घर घर दीया बार, आज हे गा सुरहोत्ती ।
तुलसी चैरा पार, तोर घर कुरिया कोठी ।
घुरवा परिया खार, खेत बारी हे जेती ।
रिगबिग रिगबिग देख, हवय गा चारो कोती ।।
तुलसी चैरा पार, तोर घर कुरिया कोठी ।
घुरवा परिया खार, खेत बारी हे जेती ।
रिगबिग रिगबिग देख, हवय गा चारो कोती ।।
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