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तोर करेजा पथरा होगे ।
जागे जागे कइसे सोगे ।
आँखी आघू कुहरा छागे
अपन सुवारथ आघू आगे
कहस अपन ला मनखे तैं हा
तोरे सेती दूसर भोगे ।
बेजा कब्जा घात करे हस
जगह जगह मा मात करे हस
खोर-गली अउ तरिया परिया
जेती देखव एके रोगे ।
पर के बांटा अपने माने
फोकट बर तैं पसर ल ताने
एको लाज न तोला आवय
ये गौटिया भिखारी होगे ।
मोर दूसर ब्लॉग
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प्रताप सिंह
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