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कतका झन देखे हें-

देख महंगाई

ये चाउर आटा, भाजी भाटा, आही कइसे, दू पइसा ।
देखव महँगाई, बड़ करलाई, मनखे होगे, जस भइसा ।।
वो दिन अउ राते, काम म माते, बस पइसा के, चक्कर मा ।
माथा ला फोरे, जांगर टोरे, अपन पेट के, टक्कर मा ।

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