अरे पुरवाही, ले जा मोरो संदेश धनी मोरो बइठे, काबर परदेश अरे पुरवा…ही मोर मन के मया, बांध अपन डोर छोड़ देबे ओखरे , अचरा के छोर सुरुर-सुरुर मया, देवय सुरता के ठेस अरे पुरवा…ही जोहत हंवव रद्दा, अपन आँखी गाढ़े आँखी के पुतरी, ओखर मूरत माढ़े जा-जा रे पुरवाही, धर के मोरे भेस अरे पुरवा…ही मोरे काया इहां, उहां हे परान अरे पुरवाही, होजा मोरे मितान देवा दे ओला, आये बर तेश अरे पुरवा…ही -रमेश चौहान
रामेश्वर यात्रा
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रामेश्वर यात्रा
रामेश्वर यात्रा — तीर्थों की ओर
श्री शमी गणेश को प्रथम वंदन,
जो हैं नवागढ़ के माथे का चंदन।
रामेश्वर यात्रा का श्रीगणेश,
हमारे सहाय हों...
1 दिन पहले