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कतका झन देखे हें-

नवा साल

नवा साल के करव सब, परघौनी दिल खोल ।
नाचव कूदव बने तुम, बजा नगाड़ा ढोल ।।
बजा नगाड़ा ढोल, खुशी के अइसन बेरा ।
पाछू झन तै देख, हवय आगू मा डेरा ।।
‘रमेश‘ गा ले गीत, खुशी के गढ़ ताल नवा ।
होही बड़ फुरमान, सबो ला ये साल नवा ।।

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