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कतका झन देखे हें-

मन के ताकत

चित्र गुगल से साभार

मन के ताकत होत हे, जग म सबले सजोर ।
मन बड़ चंचल होय गा, पहिली ऐला जोर ।।
पहिली ऐला जोर, अंग पांचो रख काबू ।
जगा अपन विस्वास, फेर होही बड़ जादू ।।
शेर बघवा पछाड़, जोश मा तै हर तन के ।
छुटे तोर जे काम, होय अब तोरे मन के ।।

टिप्पणियाँ

  1. बहुत बढ़िया हो रमेश भाई।पढ़ि के मजा आ गईल।

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  2. बहुत बढ़िया हो रमेश भाई।पढ़ि के मजा आ गईल।

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    1. धन्यवाद राजेश भेया, भोजपुरी अउ छत्तीसगढी सगे बहिनी ये

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