SURTA ]- छत्तीसगढ़ी भाषा अउ छत्तीसगढ़ के धरोहर ल समर्पित

रमेशकुमार सिंह चौहान के छत्तीसगढ़ी काव्यांजली:- सुरता rkdevendra.blogspot.com
तर्क ज्ञान विज्ञान कसौटी

तर्क ज्ञान विज्ञान कसौटी

तर्क ज्ञान विज्ञान कसौटी, पढ़ई-लिखई के जर आवय । काबर कइसे प्रश्न खड़ा हो, जिज्ञासा ला हमर बढ़ावय ।। रटे-रूटाये तोता जइसे, अक्कल ला ठेंगा देख...
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पहा जथे हर रात, पहाती बेरा देखत

पहा जथे हर रात, पहाती बेरा देखत

देखत कारी रात ला, मन मा आथे सोच । कुलुप अंधियारी हवय, खाही हमला नोच । खाही हमला नोच, हमन बाचन नहिं अब रे । पता नही भगवान, रात ये कटही कब...
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अरे दुख-पीरा तैं मोला का डेरुहाबे

अरे दुख-पीरा तैं मोला का डेरुहाबे

अरे दुख पीरा, तैं  मोला का डेरूहाबे मैं  पर्वत के पथरा जइसे, ठाढ़े रहिहूँव । हाले-डोले बिना, एक जगह माढ़े रहिहूँव जब तैं  चारो कोती ल...
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कवि मनोज श्रीवास्तव

घोठा के धुर्रा माटी मा, जनमे पले बढ़े हे नवागढ़ के फुतकी, चुपरे हे नाम मा । हास्य व्यंग के तीर ला, आखर-आखर बांध आघू हवे अघुवाई, संचालन काम ...
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बेरोजगारी (सुंदरी सवैया)

बेरोजगारी (सुंदरी सवैया)

नदिया-नरवा जलधार बिना, जइसे अपने सब इज्जत खोथे । मनखे मन काम बिना जग मा, दिनरात मुड़ी धर के बड़ रोथे ।। बिन काम-बुता मुरदा जइसे, दिनरात चित...
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काबर डारे मोर ऊपर गलगल ले सोना पानी

काबर डारे मोर ऊपर गलगल ले सोना पानी

काबर डारे मोर ऊपर, गलगल ले सोना पानी नवा जमाना के चलन ताम-झाम ला सब भाथें गुण-अवगुण देखय नही रंग-रूप मा मोहाथें मैं डालडा गरीब के स...
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पानी पानी अब चिहरत हस, सुनय कहां भगवान

पानी पानी अब चिहरत हस, सुनय कहां भगवान

नदिया छेके नरवा छेके, छेके हस गउठान । पानी पानी अब चिहरत हस, सुनय कहां भगवान ।। डहर गली अउ परिया छेके, छेके सड़क कछार । कुँवा बावली तरिय...
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मुरकेटव ओखर, टोटा ला तो धर के

मुरकेटव ओखर, टोटा ला तो धर के

थपथपावत हे, बैरी आतंकी के पीठ मुसवा कस बइठे, बैरी कोने घर के। बिलई बन ताकव, सबो बिला ला झाकव मुरकेटव ओखर, टोटा ला तो धर के । आघू मा जेन...
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मैं छत्तीसगढ़िया हिन्दूस्तानी अंव

मैं छत्तीसगढ़िया हिन्दूस्तानी अंव

मैं छत्तीसगढ़िया हिन्दूस्तानी अंव महानदी निरमल गंगा के पानी अंव मैं राजीम जगन्नाथ के इटिका प्रयागराज जइसे फुरमानी अंव मैं भोरमदेव उज्ज...
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शौचालय बैरी हा, दुखवा बोवत हे

शौचालय बैरी हा, दुखवा बोवत हे

डोहारत-डोहारत, घर भर बर पानी मोरे कनिहा-कुबर, दाई टूटत हवे । खावब-पीयब अउ, रांधब-गढ़ब संग बाहिर-बट्टा होय ले, प्राण छूटत हवे ।। डोकरा-डो...
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देश भले बोहावय, धारे-धार बाट मा

देश भले बोहावय, धारे-धार बाट मा

जात-पात भाषा-बोली, अउ मजहबी गोठ राजनीति के चारा ले, पोठ होगे देश मा । टोटा-टोटा बांधे पट्टा, जस कुकुर पोसवा देश भर बगरे हे, आनी-बानी बेश...
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पियासे ठाड़े जोहय, रद्दा एको बूंद के

पियासे ठाड़े जोहय, रद्दा एको बूंद के

करिया-करिया घटा, बड़ इतरावत बड़ मेछरावत, करत हवे ठठ्ठा । लुहुर-तुहुर कर, ठगनी कस ठगत बइठारत हवे, हमरे तो भठ्ठा ।। नदिया-तरिया कुँआ, घर के...
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अपने घर मा खोजत हावे, कोनो एक ठिकाना

अपने घर मा खोजत हावे, कोनो एक ठिकाना

अपने घर मा खोजत हावे, कोनो एक ठिकाना । छत्तीसगढ़ी भाखा रोवय, थोकिन संग थिराना ।। सगा मनन घरोधिया होगे, घर के मन परदेशी । पाके आमा निमुवा...
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जनउला-दोहा

चित्र गुगल से साभार जनउला 1. हाड़ा गोड़ा हे नही, अँगुरी बिन हे बाँह । पोटारय ओ देह ला, जानव संगी काँह ।। 2. कउवा कस करिया...
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सहे अत्याचार (रूपमाला छंद)

सहे अत्याचार (रूपमाला छंद)

शत्रु मारे देश के तैं, लांघ सीमा पार । हमर ताकत हवय कतका, जानगे संसार ।। नोटबंदी झेल जनता, खड़े रहिगे संग । देश बर हे मया कतका, शत्रु दे...
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बिता भर के टुरा कहय तोर बाप के का जात हे

बिता भर के टुरा कहय तोर बाप के का जात हे

बिता भर के टुरा कहय तोर बाप के का जात हे कउवां कुकुर कस ठोकरा भुकय देख अपन गांव के लइका ला अपन हद म रहे रहव बाबू झन टोरव लाज के फइका ...
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ताते-तात

शिव-शिव शिव अस (डमरू घनाक्षरी)

डमरू घनाक्षरी (32 वर्ण लघु) सुनत-गुनत चुप, सहत-रहत गुप दुख मन न छुवत, दुखित रहय तन । बम-बम हर-हर, शिव चरण गहत, शिव-शिव शिव अस, जग दुख भर मन ...

अउ का-का हे इहाँ-